कक्षा 3 — कक्षा 3: कर्तव्यनिष्ठा व सच्चाई
कक्षा में अनुशासन, समय की पाबंदी, गृहकार्य में लगन और कभी झूठ न बोलने का संकल्प।
कक्षा में अनुशासन, समय की पाबंदी, गृहकार्य में लगन और कभी झूठ न बोलने का संकल्प।
गायत्री मंत्र का मर्म समझकर तन्मय ने जाना कि परमात्मा से सबसे बड़ी प्रार्थना अपनी बुद्धि को सन्मार्ग और सत्य की दिशा में प्रेरित करने की है।
रोहित ने अपने दिन का समय-सारणी बनाया और खेल, पढ़ाई तथा पारिवारिक संवाद में संतुलन स्थापित कर कक्षा में अव्वल स्थान पाया।
दादा-दादी के चश्मे और छड़ी को सहेजकर देने और उनकी कहानियों को ध्यान से सुनने से विवान अपने परिवार का सबसे दुलारा बालक बन गया।
बेंच के नीचे गिरी कीमती ज्यामिति बॉक्स देखकर नेहा ने अपने बैग में रखने के बजाय शिक्षक को सौंपकर उसके वास्तविक मालिक तक पहुँचाई।
जब देवांश बीमार होकर दस दिन स्कूल नहीं आ सका, तो उसके मित्र शौर्य ने प्रतिदिन उसके घर जाकर गृहकार्य समझाया और उसका हौसला बढ़ाया।
विद्यालय में टपकते नल को देखकर अवनी ने तुरंत नल बंद किया और प्लंबर काका को सूचित किया, जिससे सैकड़ों लीटर जल बहने से बचा।
बच्चों को प्रतिदिन एक नैतिक पाठ ऑडियो में सुनाने और अभ्यास प्रश्न हल करवाने के लिए आज ही ऐप इंस्टॉल करें। 100% ऑफलाइन एवं विज्ञापन-मुक्त।