सुरक्षित रास्ते की पहचान
स्कूल के बाहर फीके पड़ चुके पैदल-पार पथ को लेकर बच्चे सड़क पर खुद निशान बनाने के बजाय सुरक्षित तरीके से आंकड़े जुटाते हैं और प्रशासन के साथ मिलकर स्थायी समाधान निकालते हैं।
एक सभ्य समाज का निर्माण जागरूक और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों से होता है। नियमों का पालन और सार्वजनिक संपदा का आदर ही सच्चा देशप्रेम है।
स्कूल के बाहर फीके पड़ चुके पैदल-पार पथ को लेकर बच्चे सड़क पर खुद निशान बनाने के बजाय सुरक्षित तरीके से आंकड़े जुटाते हैं और प्रशासन के साथ मिलकर स्थायी समाधान निकालते हैं।
विज्ञान क्लब के बच्चे एक रोचक प्रयोग कर रहे थे, पर बीच में एक साथी को बुखार आने लगा और प्रयोग की दिशा ग़लत लगी। रुकने का फैसला आसान नहीं था — पर नेहा ने जाना कि किसी काम को बीच में रोकना कमज़ोरी नहीं, बल्कि सबसे समझदारी भरा और ज़िम्मेदार कदम हो सकता है।
तूफानी नदी के नाविकों के लिए लालटेन बनाने वाले एक बुजुर्ग कारीगर की वह प्रेरणादायी गाथा, जिसने अपने शागिर्द को सिखाया कि जब कोई देख न रहा हो तब भी अपने काम में रत्ती भर भी खोट न छोड़ना ही एक सच्चे शिल्पी की आत्मा होती है।
निवासी देखते हैं कि अस्थायी अवरोध सार्वजनिक भवन के रैंप को बंद कर रहा है। वे इसकी सूचना देते हैं, सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता बनवाते हैं और रास्ता खुलने तक संपर्क बनाए रखते हैं।
बच्चे जान पाते हैं कि एक पुराने पेड़ पर पक्षियों के घोंसले हैं। वे अपने अवलोकन लिखते हैं और क्षेत्र की योजना सुझाने से पहले स्थानीय विशेषज्ञों से सलाह लेते हैं।
एक बच्चे की पतंग बिजली की तारों के पास फँस जाती है। उसके दोस्त ख़तरनाक तरीके से उसे निकालने के बजाय किसी ज़िम्मेदार बड़े और बिजली सेवा को बुलाते हैं।