कक्षा 1: सद्गुणों की पहली किरण
दैनिक शिष्टाचार, अभिवादन, स्वच्छता, सत्य बोलना और बड़ों का आदर।
📚 अध्याय एवं पाठ्य सामग्री:
प्रार्थना और कृतज्ञता — ईश्वर व प्रकृति का आभार
नन्हीं रिया प्रातः उठकर सूर्य देवता और अपने माता-पिता को हाथ जोड़कर प्रणाम करती है और दिन की शुरुआत सकारात्मकता और कृतज्ञता से करती है।
- क्या आप सुबह उठकर अपने माता-पिता को प्रणाम करते हैं?
- हमें सूर्य और प्रकृति को धन्यवाद क्यों कहना चाहिए?
सत्य बोलना और माता-पिता का आदर
खेलते समय माँ का मिट्टी का फूलदान टूटने पर आरव ने छुपाने के बजाय सच स्वीकार किया और माँ का अटूट विश्वास जीता।
- क्या आपने कभी अपनी गलती सच-सच स्वीकार की है?
- जब हम सच बोलते हैं, तो मन में कैसा अनुभव होता है?
स्वच्छता और प्रातः अभिवादन
अनन्या प्रतिदिन प्रातः दाँत साफ करती है, स्नान करती है और विद्यालय पहुँचकर शिक्षकों को हाथ जोड़कर नमस्ते कहती है।
- क्या आप खाना खाने से पहले हाथ धोते हैं?
- बड़ों से मिलते समय आप क्या कहते हैं?
मीठी वाणी और जादुई शब्द
कबीर ने जाना कि कृपया, धन्यवाद और क्षमा कीजिए जैसे शब्द कैसे सभी के दिलों को जीत लेते हैं और झगड़े मिटाते हैं।
- जब कोई आपकी मदद करता है, तो आप क्या कहते हैं?
- गलती होने पर क्षमा मांगना क्यों जरूरी है?
मिलजुलकर खेलना और खिलौने साझा करना
पार्क में जब आर्यन ने अपनी गेंद अकेले खेलने के बजाय सभी बच्चों के साथ साझा की, तो खेल का आनंद कई गुना बढ़ गया।
- क्या आप अपने दोस्तों के साथ अपने खिलौने शेयर करते हैं?
- अकेले खेलने और मिलकर खेलने में क्या अंतर है?
नन्हे जीवों व पौधों से प्रेम
बालवाटिका में चिंटू ने गमलों में पानी दिया और बालकनी में चिड़ियों के लिए दाना-पानी रखा, जिससे चहचहाती गौरैया उसकी मित्र बन गईं।
- क्या आपने कभी किसी पक्षी को दाना-पानी दिया है?
- पौधों को पानी देना क्यों आवश्यक है?